what is mgnrega ? full information easy way class 10 जाने मनरेगा योजना के बारे में डिटेल्स में

what is mgnrega ? संजीव कुमार और आप देख रहे हैं मेरे चैनल दा इकॉनमी। इस article में मैं आप सभी को मनरेगा योजना के बारे में बताने वाला हूँ कि मनरेगा योजना यानी की महात्मागांधी रोजगार गारंटी योजना क्या होती है, किनको बेनिफिट मिलता है और किन किन लोगों को इसमें एनरोल करना चाहिए।और किन लोगों के लिए ज्यादा बेनेफिशियल होती है?

इसमें क्या क्या बेनिफिटस आप सभी को दिए जाते हैं। तो चलिए दोस्तों स्टार्ट करते हैं तो दोस्तों मैं आप सभी को बताना चाहूंगा की जो मनरेगा पॉलिसी है, महात्मा गाँधी रोजगार गारंटी योजना इस योजना के तहत आप सभी कोरोजगार देने का काम किया जाता है। जैसे हम लोग बेरोजगार हैं, हम काम करना चाहते हैं, लेकिन हमें काम नहीं मिल रहा है।

तो जब हम इस योजना में अपने आप को एनरोल कराते हैं, रजिस्टर्ड कराते हैं तो गवर्नमेंट की तरफ से हम को मिनिमम पूरे साल में 100 दिन तक काम दिया जाता है।ये पुराना हमारे पास डाटा था। अब इसको चेंज करके कर दिया गया है कि आपको मिनिमम 150 दिन काम दिया जाएगा।

ठीक है दोस्तों तो पहले दिया जा रहा था 100 दिन काम, अब दिया जाएगा 150 दिन काम ये एक नयी पॉलिसी है, ठीक है, इसमें चेंज किया गया है।अब इसमें बात करते हैं कि वेजेस कितना मिलता है। मतलब रोजगारी भत्ता कितना दिया जाता है जिससे आप कहते हैं तो गवर्नमेंट जो है, पहले ₹182 आप सभी को देती थी।

रोजगारी भत्ते के तौर पर अगर आप इसमें काम करते हैं, लेकिन आपको अगर गवर्नमेंट काम नहीं देती।तो उसके बदले में आपको गवर्नमेंट उतने दिन का पैसा देती है जैसे 150 दिन की गारंटी है तो अगर 150 दिन गवर्नमेंट ने काम नहीं दिया तो उसका आपको पैसा मिलेगा।

1 दिन क्या ₹182 के हिसाब से बट? अभी हमारे देश में 20,00,000 करोड़ का इकोनॉमिक पैकेज जो है वो इश्यू किया गया गवर्नमेंट के थ्रू।उसमें इसमें एक चेंज किया गया कि अब आपको ₹182 की जगह आपको ₹202 दिए जाएंगे। सपोज़ दट। मैं मान के इसको ऐसे समझता हूँ कि अगर कोई व्यक्ति काम करना चाहता है तो वह मनरेगा में रजिस्टर्ड कराएगा और उसे काम नहीं मिल रहा है तो गवर्नमेंट मिनिमम उससे 150 दिन का काम प्रोवाइड करेगी।सिंपल सी बात हमें यहाँ तक समझ में आयी।

अब अगर मान लीजिए कि गवर्नमेंट 150 दिन आप को काम देने में असफल रहती हैं, गवर्नमेंट आपको केवल 100 दिन काम दे पाती है तो जो आप 100 दिन में काम कर रहे हैं और वहाँ पर जो आपको मजदूरी मीलती थी, जो मिनिमम वेज आपके।हमारे देश में चलती है न्यूनतम मजदूरी की दर, वो तो आप को मिल रही थी उस वक्त।लेकिन जो अपने 50 दिन सरकार ने आपको काम नहीं दिया, उस 50 दिन का सरकार जो है वो आपको ₹202 के हिसाब से पर डे के हिसाब से पेमेंट करेगी?

क्लिअर सिंपल सा। आपको समझ में आ गया पहले ₹182 दिया जाता था सरकार के द्वारा अब दिया जाता है आप सभी को।₹202 तो इसका लाभ वो सभी उठा सकते हैं जो कंस्ट्रक्शन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वर्क करना चाहते हैं। ठीक हैं, उन सभी के लिए यह बहुत ही बेनेफिशियल है।

अपने आपको रजिस्टर्ड करा लीजिए इस पॉलिसी के तहत इस योजना के तहत और आप को गवर्नमेंट 150 दिन।काम देने का वादा करती है और अगर आपको काम नहीं दिया जाता तो ₹202 पर दय 1 दिन के हिसाब से प्रतिदिन के हिसाब से आपको जो है वो पैसा सरकार देती है तो मैं कहूंगा ये पॉलिसी बहुत अच्छी है।

आप सभी को रजिस्ट्रेशन इसमें कराना चाहिए। अगर आपको एम्प्लॉयमेंट यानी की काम नहीं मिल रहा है।तो ठीक है स्टूडेंटस और मेरे दोस्तों आप सभी को बहुत अच्छे समझ में आया हुआ कि मनरेगा पॉलिसी क्या है? ऐसे ही बहुत सारी पॉलिसीज हैं सरकार की जो मैं आप सभी को बताऊँगा। आने वाले वीडिओज़ में अगर आपको ये वीडिओज़ अच्छी लगी हो तो आप इस वीडियो को लाइक जरूर कर दे।और अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर कर दे जिनको पता नहीं है। 

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what is mgnrega ?

दोस्तों।आज हम अपने article में बात करेंगे। मनरेगा वर्ग के बारे में रिसेंटली ये फाइन्ड आउट किया गया है कि पैन्डेमिक के बीच में जब लॉकडाउन हुआ था, माइग्रेन पर कर वापस अपने गांव आए थे, अपने राज्य आये थे। बाकी राज्यों से तो यहाँ पर जो जम्प है आपका मनरेगा वर्क में।मनरेगा वर्ग की जो डिमांड है, उसमें काफी बड़ा जंग देखने को मिला है। तो इसके बारे में हम जानेगे की गैटली कौन से राज्य में कितना जम देखने को मिला है? मनरेगा के बारे में भी थोड़ा सा जानने की कोशीश करेंगे। चलिए आगे बढ़ते हैं मैं हूँ अंकित अग्रवाल और अपडेट के लिए आप मुझे फॉलो कर सकते हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर पर में लग चुकी है। पीडीएफ़ आपको फेसबुक पर तो मिलेगा ही।+7 में आपने टेलीग्राम चैनल जॉइन कर सकते हैं। भाई सर्चिंग, अंकित अग्रवाल ऑफिशल और अगर आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए सुनहरा मौका है। स्टडी आई खुला आपके लिए स्मार्ट कार्ड से, जिसके थ्रू आप अपने प्रोफेशनल भी ज्यादा अच्छी तरीके से कर सकते हैं तो जैसा की आप यहाँ पर थोड़ा सा देख सकते हो। मनरेगा के बारे में।सबसे पहले यहाँ पर इसको एमजी नरेगा के पहले नरेगा नाम से जाना जाता था। नेशनल रूरल एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट आप सबको पता है। सेवंथ सितंबर 2005 को यहाँ पर इसको लाया गया था। ऐक्ट पास कराया गया था ताकि यहाँ पर ज्यादा से ज्यादा एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन हो सके। हमारे देश के अंदर स्पेसिअली रूरल एरियाज़ में क्योंकि।यहाँ पर हम रूरल एरिया की बात कर रहे हैं। ये जो मनरेगा का एक्ट है, ये आपका सिर्फ रूरल एरियाज में अप्लाई होता है तो वहाँ पर जो लोग है उनको सोशल सेक्योरिटी मिल सके, कुछ काम मिल सके, कुछ पैसे मिल सके और यहाँ पर सभी राज्यों को सभी राज्य के जो डिस्ट्रिक्ट है बेसिकली।जो आपके जिला है उन सब को कवर किया गया है एक्सेप्ट जहाँ पर 100% अर्बन पॉपुलेशन है, जहाँ पर थोड़ा भी आपको रूरल पोपुलेशन देखने को मिलेगा। वहाँ पर मनरेगा का काम लागू किया गया है।इसके अंदर हम किसी ऑब्जेक्ट इसके बारे में बात करें तो यहाँ पर 100 दिन का मिनिमम काम दिया जाता है। ऐसा बताया गया है इस ऐक्ट के अंदर और ये वॉलंटियर है। मतलब की यहाँ पर जो अनस्किल्ड लेबर है, ऐसे काम दिए जाते हैं जहाँ पर स्किल की आवश्यकता नहीं होती है। यहाँ पर सिम्पली आप आ सकते हो, काम कर सकते हो।वॉलेंटरी बेसिस पे अगर आपके पास कोई काम नहीं है, आप इसको चूज कर सकते हैं।

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दूसरा यहाँ पर मेन मकसद होता है कि रूरल एरियाज़ के अंदर जो ड्यूरेबल्स सीट्स है उन का निर्माण करना जैसे पोर्स हो गया। वेल्स हो गया इस तरह की जो चीज़े हैं सड़क हो गयी। इस तरह के काम बेसिकली मनरेगा के थ्रू यहाँ पर कराए जाते हैं और लास्ट यहाँ पर एक और में नॉनवेज एक्टिव हैं दैट इसकि जो माइग्रेशन होता है रूरल एरिया से अर्बन एरियाज में इसको यहाँ पर कमी लाना। काम के खोज में अक्सर लोग जो है रूरल से अर्बन माइग्रेट करते हैं तो इसको थोड़ा सा कम करना। अगर हम एक्सपेंडिचर के शेयरिंग की बात करें तो सेंट्रल गवर्नमेंट 100% यहाँ पर जो बर्डन है।ये शेयर करती है और किस पर्पस मैं यहाँ पर वेज एक्सपेंडिचर में यहाँ पर दो कॉंफिडेंट होते हैं। आपको याद रखना है कि एक तो जो मनरेगा में जो लोग काम कर रहे हैं उनको वेजेस देना है और यहाँ पर जो काम कर रहे हैं उसके लिए कुछ मटेरियल चाहिए राइट अगर कोई बोर्ड बनाना है तो सीमेंट चाहिए, इस तरह की चीज़ नहीं है।तो मैटीरियल के मामले में यहाँ पर जो सेंट्रल गवर्नमेंट है वो 75% बर्डन उठाती है और बाकी का 25%। यहाँ पर राज्य सरकार को देखना होता है, लेकिन जो वेजेस लगता है जो जो लेबर्स को दिया जाता है, मनरेगा के अंदर वहाँ पर 100% जो बर्डन है, वो आपका सेंट्रल गवर्नमेंट।देखती है अब यहाँ पर हम आते हैं आपने टॉपिक पर की 83,00,000 का आप देख सकते हो यहाँ पर न्यू मनरेगा, न्यू नरेगा जो कार्ड है बेसिकली दिखेगा यहाँ पर जब हम आप अक्सर सुनते होंगे एम जी नरेश ठीक है, एन आर आर ई जीएस। तो ये इसका मतलब हो गया स्कीम ठीक है।ये एक तरह का स्कीम है और जो ए आ जाता है लास्ट में उसका मतलब होता है ऐट मतलब ये ऐट पास कराया गया था। इस ऐक्ट के थ्रू यहाँ पर ये स्कीम लाई गई थी। तो कन्फ्यूज मत हो जाना तो यहाँ पर आप देख सकते हो की जो मनरेगा का वर्क है, उसके लिए पहले आप को जॉब कार्ड अप्लाई करना होता है तो पिछले 7 साल में।से बड़ा जम्प देखा गया है। यहाँ पर जॉब कार्ड के ऐप्लिकेशैन में आप देख सकते हो 83,00,000 न्यू नरेगा जो कार्ड है वो अप्लाई किए गए हैं। अप्रैल से लेकर अभी तक जो कि सबसे ज्यादा जम्प है सेवेन इयर्स में तो यहाँ पर इन्ट्रोडक्शन में अगर हम बात करें तो आप कह सकते हैं की एक तो पैन्डेमिक की वजह से यहाँ पर जो लॉ।लगा था उसकी वजह से मिलियंस ऑफ माइग्रेन जो है वो आपके रिटर्न हुए थे, विलेजेस आये थे, अपने स्टेट आए थे लेकिन इसी के 771 और जो चार्ट बड़ा था, आपका जिसमे वृद्धि आई थी वो क्या था? वो था आपका जो हाउसहोल्ड एनरोल्ड किए गए थे। मनरेगा के अंदर यहाँ पर ध्यान रखेगा।एक हाउसहोल्ड होता है, उसमें एक लोग होते हैं वो लोग जो चाहे यहाँ पर अपना काम कर सकते हैं। मनरेगा के अंदर तो आप देख सकते हैं यहाँ पर अगर हम हाउसहोल्ड की बात करें तो हाउसहोल्ड आप देख सकते हो। की 83,00,000 एडिशनल हाउसहोल्ड उन्होंने जॉइन किया था। अप्रैल से लेकर अगस्त के अंदर।लेकिन एक हाउसहोल्ड के अंदर आप देख सकते हो की कई पर्सन हो सकते हैं तो जो टोटल नम्बर ऑफ पर्सन जॉइन किए हैं, जिन्होंने जॉब कार्ड के लिए अप्लाई किया है, क्योंकि आप जॉब कार्ड के लिए अप्लाई करोगे, आपका एक जॉब कार्ड बन जाएगा, फिर आप जाकर यहाँ पर मनरेगा के अंदर काम कर सकते हैं। तो माइग्रेशन वगैरह की वजह से क्या हुआ?जब लोग वापस अपने गांव आए उनके पास कोई काम नहीं था। इसको देखते हुए उन्होंने नए जॉब कार्ड के लिए अप्लाई कर दिया। तो जो टोटल नम्बर ऑफ पर्सन्स ने जॉइन किया है। लेबर फोर्स में, नरेगा फोर्स में तो आप देख सकते हैं इनकी संख्या है 1.6,00,00,000% ठीक है और हाउसहोल्ड ने कितना जॉइन किया?83,00,000 एडिशनल हाउसहोल्ड तो इसकी वजह से जो टोटल नम्बर ऑफ फैमिलीज हैं, जो टोटल नम्बर ऑफ हाउसहोल्ड है।

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आप कह सकते हो इनकी संख्या ऑल टाइम हाई पर हो गई है। दैट इस 14.36,00,00,000 अगर आप अप्रैल के पहले का आंकड़ा देखेंगे तो करीब 13 से 13,50,00,000।यहाँ पर हाउसहोल्ड जो फैमिलीज है, उन्होंने ज्वॉइन किया था मनरेगा के अंदर। लेकिन अब इनकी संख्या हो गई है 14.36,00,00,001 और चीज़ ध्यान रखिएगा यहाँ पर मैं जॉइनिंग की बात कर रहा हूँ। जॉब कार्ड का मिल जाना। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी लोग यहाँ पर काम कर रहे हैं। 14.36,00,00,000 हाउसहोल्ड्स ने ज्वॉइन किया है, मनरेगा के अंदर इसका मतलब नहीं है कि सभीलोग काम कर रहे हो सकता है कि उन्होंने अप्लाई कर दिया हो लेकिन काम पर नहीं गए हो। राइट कई बार काम भी नहीं मिलता है तो यहाँ पर संख्या आपकी काफी कम होती है। अब हम देखते हैं कि कितना डिमांड राइस हुआ है। मनरेगा वर्ग के लिए मतलब की यहाँ पर हमे टोटल नम्बर ऑफ जॉब कार्ड की बात की, लेकिन एक्चुअल में डिमांड कितना हुआ है वो भी अब हम देख लेते हैं।तो यहाँ पर एक सबसे पहले चीज़ तो आपको पता ही होगा कि पिछले कुछ समय से जो हमारा एकोनॉमिक स्लोडाउन ऑलरेडी आ रखा था। अगर हम पैन्डेमिक को छोड़ दें उसके पहले भी अगर आप देखेंगे तो जो इकोनॉमिक स्लोडाउन था वो ऑलरेडी चल रहा था। हमारी जीडीपी लगातार नीचे आ रही थी। इसको देखते हुए रीसेंट इयर्स में यह देखा गया था।की जो मनरेगा के अंदर जो वर्क है, जो डिमांड है वर्क की, वो बढ़ रही थी धीरे धीरे। लेकिन पैन्डेमिक के समय ये जो डिमांड है वो अचानक से बहुत ही ज्यादा ऊपर लेवल पर आ गयी और आप देख सकते हो कि डेटा ये बता रहा है कि अप्रैल 1 से लेकर टेंथ अप्रैल के बीच में जो लेटेस्ट डेटा है यहाँ पर फर्स्ट अप्रैल से टेंथ अप्रैल के बीच में।जो टोटल नम्बर ऑफ हाउसहोल्ड ने जो नरेगा के अंदर अपना काम लिया है, वो है आपका 5.79,00,00,000 हाउसहोल्ड मैंने आपको क्या बताया? टोटल नम्बर ऑफ जो हाउसहोल्ड फैमिलीज ने अनुरोध किया हुआ है, मनरेगा के अंदर वो कितना है? 14.36,00,00,000 लेकिन डिमांड कितनी आई है, डिमांड आई है आपकी?5.79,00,00,000 हाउसहोल्ड्स कैन लेट मी टेल यू की ये जो नंबर है ये जब से इस स्कीम लॉन्च की गई थी फेब्रूवेरी सेकंड 2006 2005 में तो आपका एक्ट लाया गया था लेकिन 2006 से इसको इम्प्लिमेंट किया गया था तो जब से इम्प्लिमेंट किया गया है इस स्कीम को लॉन्च किया गया है।तब से यह अभी तक का सबसे हाइअस्ट नंबर है। मतलब की आज तक इतने ज्यादा हाउसहोल्ड ने 5.79 हाउसहोल्ड ने कभी भी अप्लाई नहीं किया था, काम के लिए अब हम आते हैं की कौनसे राज्यों में अगर हम बात कर रहे हैं, माइग्रेन की संख्या बढ़ी है तो आप देख सकते हो, आपको याद होगा।करीब एक दो महीने पहले की बात है। मैंने एक अलग से वीडियो भी बनाया था। इसके ऊपर सरकार ने लॉन्च किया था गरीब कल्याण रोजगार अभियान याद है गरीब कल्याण रोजगार अभियान इसमें सरकार ने ये कहा की यहाँ पर करीब छे ऐसे स्टेट है जीसको हम आइडेंटिफाइ कर रहे हैं दैट इस बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा।क्योंकि यहाँ पर सरकार का कहना था कि सबसे ज्यादा जो माइग्रेंट वर्कर्स हैं वो आए हैं और उनका मानना है कि करीब 116 डिस्ट्रिक्ट में 67,00,000 माइग्रेन जो है वो यहाँ पर आए हैं। इसलिए यहाँ पर जो मनरेगा 12 का वर्क हो गया, उस पर स्पेशल फोकस किया जाएगा। इन राज्यों में सबसे ज्यादा स्पेशल फोकस किया जाएगा।तो कौन से? राज्य के अंदर सबसे ज्यादा डिमांड आया है? हाइअस्ट डिमांड आया तो आप देख सकते हो। यूपी के अंदर सबसे ज्यादा डिमांड बढ़ा है मनरेगा वर्ग का जॉब कार्ड का जो जॉब कार्ड अप्लाई किया गया है तो 21,00,000 करोड़ 21,00,000 जो हैं जॉब कार्ड नए अप्लाई किए गए हैं। टोटल नम्बर ऑफ जॉब कार्ड। कितने मैंने आपको बताया स्टार्टिंग में बताया था?83,00,000 न्यू नरेगा कार्ड इसमें से 21,00,000 अकेले यूपी के अंदर है। एक 11,00,000 आपका बिहार के अंदर है और जो थर्ड पोज़ीशन है वो है आपकी वेस्ट बंगाल की आप देख सकते और 6.8,00,000 न्यू जॉब कार्ड अप्लाई किया गया लेकिन एक चीज़ ध्यान रखना।कि सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंदर जो छे राज्य है, उसमें यहाँ पर वेस्ट बंगाल को शामिल नहीं किया गया था। तो कहीं ना कहीं एक यहाँ पर हमें प्रॉब्लम देखने को मिल सकती है, जो स्टेट गवर्नमेंट है और सेंट्रल गवर्नमेंट है क्योंकि अगर आप देख सकते हो 20,00,000 माइग्रेंट वर्कर्स जो है वो वेस्ट बंगाल के अंदर भी आये थे तो कहीं ना कहीं साफतौर पर दिखता है।की गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंदर वेस्ट बंगाल को भी शामिल करना था, लेकिन वे स्टील डोंट नो क्यों नहीं हुआ? क्या यहाँ पर राज्य सरकार प्रॉब्लम क्रिएट कर रही थी? सेंट्रल गवर्नमेंट कर रही थी तो स्टील डोंट नो लेकिन कही ना कही यहाँ पर। इस तरह के सिचुएशन में दोनों सरकारों को साथ आना चाहिए। इन फैक्ट मैं आपको बता दूँ।कि नरेगा के अंदर जो सबसे ज्यादा जो डिस्ट्रिक्ट की अगर हम बात करें अलग अलग जिला की बात करें तो जो टॉप फाइव डिस्ट्रिक्ट है, देश के अंदर जहाँ पर सबसे ज्यादा काम लिया जाता है नरेगा के थ्रू तो वो चार आप को दिखेंगे वेस्ट बंगाल के अंदर जिनके नाम आप यहाँ पर देख सकते हैं।अब इसके अलावा अगर हम फाइनेंसियल इम्पैक्ट की बात करे क्योंकि यहाँ पर इतना ज्यादा डिमांड बढ़ा है। नरेगा वगैरह वर्ग का यहाँ पर आप देख सकते हो तो डेफिनेटली फाइनैंशल इम्पैक्ट भी काफी ज्यादा हुआ होगा। तो यहाँ पर आप देखोगे तो ऐसा बताया जा रहा है कि जितना लेबर बजट अलोकेट किया गया था इन सब कामों के लिए तो सिक्स टी पर 67% ऑलरेडी यहाँ पर खर्च किया जांच।यूटिलाइज किया जा चुका है तो यहाँ पर सरकार को इधर ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि अभी पैन्डेमिक खत्म नहीं हुआ है। यहाँ पर जो काम की डिमांड वगैरह है वो लगातार इतनी लगभग रहेंगी, ऐसा माना जा रहा है। अभी भी आधे से ज्यादा जो वित्तीय वर्ष है वो बचा हुआ है तो कहीं ना कहीं यहाँ पर और ज्यादा जोफाइनेंशियल इम्पैक्ट है वो आ सकता है आपका अब जाने से पहले कन्क्लूजन में दोस्तों हम ये कह सकते हैं कि ये जीतने भी हमने नंबर्स की बात की। इससे आपको क्या समझ में आ रहा है? इससे यह समझ में आ रहा है कि कहीं ना कहीं इस तरह के पैन्डेमिक में इस तरह के सिचुएशन में जो मनरेगा है, ये जो वर्क है आपका वो एक तरह से सेफ्टी नेट केएक के तौर पर ईमर्ज हुआ है। फॉर लैक्स ऑफ हाउसहोल्ड मतलब पूरे देश के अंदर जो रूरल एरियाज़ है, वहाँ पर कई सारे ऐसे गरीब परिवार हैं, जिनके लिए ये एक तरह का सहायता के लिए जो है, उभर कर सामने आया है और स्पेशल लीक अब जब सोशल और इकनॉमिक डिस्ट्रेस हमारे देश मेंहम काफी ज्यादा देख सकते हैं लेकिन इसी के साथ साथ यहाँ पर बहुत सारे चैलेंजेस भी है। इम्प्लिमेंटेशन में कई सारे प्रॉब्लम देखने को मिलते है। स्पेसिअली अगर आप देखोगे तो यहाँ पर।जो वर्कर्स हैं जो काम करते हैं। मनरेगा के अंदर उनके द्वारा अक्सर यह बताया जाता है कि सरकार नोटिफाई तो कर देती है कि हम इतना रुपया देंगे लेकिन एक्चुअल में उतना रुपए दिया नहीं जाता है। इन फैक्ट मैं आपको यहाँ पर आंकड़ा भी दिखा सकता हूँ कि अलग अलग राज्यों के अंदर अलग अलग अमाउंट नोटिफाई किया गया है। ऑल्दो यहाँ पर सेंट्रल गवर्नमेंट ने मिनिमम जो है, मनरेगा के अंदर वर्क है उसको 200₹2 के आसपास कर दिया है। अगर आप देखोगे तो सरकार ने करीब ₹20 बढ़ाया था, 180 टूटा, पहले इसको 202 कर दिया तो सबसे ज्यादा अगर राज्य सरकार भी अपनी तरफ से यहाँ पर अडिशनल बढ़ा सकती है तो आप देख सकते हो हरियाणा का सबसे ज्यादा आपको जो है, मनरेगा के अंदर काम करने के लिए पैसा मिलता है।लेकिन ये जो नोटिफाई किए जाते हैं, एक्चुअल ग्राउंड लेवल पर इतना पैसा भी नहीं दिया जाता। और इसके अलावा ये भी चीज़ बताई जा रही है कि क्योंकि पैन्डेमिक की वजह से ऑलरेडी लोगों ने ये जो कोटा है आपका 100 एस का उसको ऑलरेडी ये आपका यूटिलाइज कर लिया, मतलब की ये ऑलरेडी खत्म होने वाला है।तो कहीं ना कहीं सरकार को इसके ऊपर भी ध्यान देना चाहिए की जो 100 एस का कोटा है, मिनिमम यहाँ पर इम्प्लिमेंट दिया जाता है। इसको सरकार बड़ा है क्योंकि यहाँ पर पैन्डेमिक और लॉकडाउन के सिचुएशन के थ्रू और भी कई सारे प्रोब्लम्स देखने को मिल रही है। फैमिली इसको तो आई होप दोस्तों ये जो वीडियो था जहाँ पर हमने बात किया की रीसेंट में जो मनरेगा वर्क है, उसमें बिग्गेस्ट जम्प देखने को मिला है।रीसेंट इयर्स के तौर पर अगर आप देखोगे ये विडीओ आई होप की आपको पसंद आया होगा अगर आप मुझसे इकॉनमी पर नाच। 

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