शीतला अष्टमी के दिन क्यों देवी को लगता है बासे भोजन का भोग, जानें इसका महत्व और शुभ मुहूर्त

शुक्रवार को शीतला अष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन माता को बासी भोजन का प्रसाद चढ़ाया जाता है और भोजन में ग्रहण किया जाता है। 

होली के आठवें दिन शीतला अष्टमी मनाई जाती है। उत्तर भारत में इस त्योहार का खासा महत्व है। 

चैत्र मास आरंभ हो गया है। आप सभी को बता दें कि इस महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami) के रूप में मनाया जाता है। 

आप सभी को बता दें कि शीतला अष्टमी को बसौड़ा (Basoda) के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस दिन शीतला माता (Sheetala Mata) को बासे भोजन का भोग (Bhog) लगाया जाता है लोग भी बासा भोजन ही ग्रहण करते हैं। 

शास्त्रों में शीतला माता को आरोग्य प्रदान करने वाली देवी बताया गया है। माना जाता है कि इस दिन जो महिला माता का व्रत रखती है और उनका श्रद्धापूर्वक पूजन करती हैं, 

उनका परिवार और बच्चे निरोगी रहते हैं। उन्हें बुखार, खसरा, चेचक, आंखों के रोग आदि समस्याएं नहीं होतीं।

कब है मुहूर्त? इस बार बसौड़ा का पर्व 25 मार्च 2022, दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 24 मार्च 2022, गुरुवार की रात 12:09 बजे से शुरु होगी

और 25 मार्च 2022, शुक्रवार को रात 10:04 बजे खत्म होगी। उदया तिथि के मुताबिक सूर्योदय 25 मार्च को होगा, इसलिए इसी दिन शीतला माता की पूजा होगी। 

क्यों चढ़ता है बासा भोजन? शीतला माता को शीतलता प्रदान करने वाली माता कहा गया है। इसलिए उनको समर्पित भोजन वो पूरी तरह शीतल रहे, इसलिए उसे रात में ही बनाकर रख लिया जाता है। 

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