बाबा रामपाल हत्या और हत्या की कोशिश के आरोप में दो साल की जेल भी काट चुके हैं। 2006 में जमानत पर वह बाहर आए।

रामपाल दास ने 1999 में पहला आश्रम रोहतक के करोंठा गांव में बनाया था।

इसके बाद उन्होंने कई आश्रम बनवाए जिसमें हिसार के बरवाला में सतलोक आश्रम भी है।

यही संत रामपाल का मुख्यालय है। मंगलवार को इसी आश्रम के बाद पुलिस और रामपाल समर्थकों की भिड़ंत हुई।

रामपाल के समर्थकों ने आज पुलिस पर हमले की पूरी तैयारी कर रखी थी।

आश्रम से तेजाब के पाउच, डंडे और पत्थर मिले थे। ये खुद को 'बाबा के कमांडो' बताते हैं।

बाबा रामपाल हत्या और हत्या की कोशिश के आरोप में दो साल की जेल भी काट चुके हैं। 2006 में जमानत पर वह बाहर आए।

रामपाल ने बीते 4 सालों में 43 बार कोर्ट के आदेश को नहीं माना है।

2013 में उन्होंने 'दुनिया के सभी संतों' को आध्यात्मिक ज्ञान पर चिंतन के लिए आमंत्रित किया।

63 साल के रामपाल का जन्म 8 सितंबर 1951 में सोनीपत में हुआ न कि दिल्ली में।